Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जीव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में दो तरह के यौन गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° (सेकà¥à¤¸ कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤®) पाठजाते हैं। महिला के अंडाशय में XX कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® और पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ में XY कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® होता है। XX कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® लड़की और XY कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® लड़के का लिंग निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। जब पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का Y कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® महिला के अंडाशय के X कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® से निषेचित होता है, तो लड़का पैदा होता है। इसी तरह, अगर पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का X कà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® महिला के अंडाशय के X कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® से निषेचित होता है, तो लड़की पैदा होती है।
गरà¥à¤ में लड़का होने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं, यह जानने के लिठलेख के अगला à¤à¤¾à¤— पढ़ें।
गरà¥à¤ में लड़का होने के लकà¥à¤·à¤£ | Without Ultrasound Garbh Me Ladka Hone Ke Lakshan
गरà¥à¤ में पल रहा बचà¥à¤šà¤¾ लड़का है या लड़की, इसका 100% सही अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ नहीं लगाया जा सकता है। फिर नीचे दिठगठकà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर लोग गरà¥à¤ में लड़का होने की à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ करते रहे हैं:
1. पेट का आकार
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का पेट à¤à¤¾à¤°à¥€ और नीचे की ओर à¤à¥à¤•ा हà¥à¤† है, तो इसे गरà¥à¤ में लड़के की मौजूदगी के लकà¥à¤·à¤£ के तौर पर देखा जाता है।
2. तà¥à¤µà¤šà¤¾ में बदलाव
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ में बदलाव आना à¤à¤• आम बात है। फिर à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि अगर गरà¥à¤ में लड़का है, तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के चेहरे पर दाने, मà¥à¤‚हासे और दाग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखने लगते हैं। इसके अलावा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का चेहरा à¤à¥€ मà¥à¤°à¤à¤¾à¤¯à¤¾-सा दिखने लगता है।
3. सà¥à¤¤à¤¨ के आकार में बदलाव
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤• महिला के शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वजह से बहà¥à¤¤ सारे बदलाव होते हैं। इस दौरान औरत के सà¥à¤¤à¤¨ का आकार बढ़ता है, जिससे वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठतैयार होती है। हालांकि, दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के आकार में थोड़ा फरà¥à¤• होता है। अगर दायां सà¥à¤¤à¤¨, बाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ से बड़ा और à¤à¤¾à¤°à¥€ हो, तो इसे गरà¥à¤ में लड़का होने का लकà¥à¤·à¤£ माना जाता है।
4. ठंडे पैर और रूखे हाथ
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पैरों का ठंडा रहना और हाथों का रूखा रहना गरà¥à¤ में लड़के की मौजूदगी की निशानी माना जाता है।
5. चटपटा à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने की इचà¥à¤›à¤¾ होना
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कई तरह की चीजें खाने की इचà¥à¤›à¤¾ होती है, मगर गरà¥à¤ में लड़का होने पर चटपटी और नमकीन चीज़ें खाने की इचà¥à¤›à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
6. दिल की धड़कन
गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ का दिल à¤à¤• मिनट में लगà¤à¤— 140 बार धड़कता है। चूंकि लड़कों के दिल की धड़कन धीमी होती है, इसलिठअगर बचà¥à¤šà¥‡ का दिल à¤à¤• मिनट में 140 बार से कम धड़के, तो इसे गरà¥à¤ में लड़का होने का लकà¥à¤·à¤£ माना जाता है।
लड़का पैदा करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें?
जैसा कि हम आपको बता चà¥à¤•े हैं, बचà¥à¤šà¥‡ का लिंग Y कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° पर निरà¥à¤à¤° करता है। Y कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® वाले शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ छोटे होते हैं और ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज़ होते हैं। अगर ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के आखिरी दिन या उसके अगले दिन संà¤à¥‹à¤— किया जाठतो लड़का पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दिन योनी से होने वाला रिसाव चिकना और गाढ़ा होता है। रिसाव के इस लकà¥à¤·à¤£ के आधार पर ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दिन की पहचान की जा सकती है।
गरà¥à¤ के लिंग निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ शटल पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ 1960 के दशक से पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है। विवाहित जोड़े इसके 75% सफल होने का दावा करते हैं। शटल पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¥à¤°à¥‚ण का लिंग तय करने में संà¤à¥‹à¤— की अवसà¥à¤¥à¤¾ ( पोज़ीशन) काफ़ी अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। लड़का पैदा करने के लिà¤, संà¤à¥‹à¤— से समय सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और पà¥à¤°à¥à¤· के शरीर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¥€ होनी चाहिठजिससे कि पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ महिला के अंडे में गहराई तक निषेचित हो सकें। जैसे कि महिला का पà¥à¤°à¥à¤· के ऊपर बैठकर संà¤à¥‹à¤— करने से लड़का पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। इसके अलावा, शटल विधि के तहत à¤à¥€ लड़का पैदा करने के लिठओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के आसपास के दिनों में संà¤à¥‹à¤— करने की सलाह दी जाती है ।
à¤à¤¸à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि पà¥à¤°à¥à¤· का बॉकà¥à¤¸à¤° या शॉरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ पहनना नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को बढ़ाने के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है। शॉरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ या बॉकà¥à¤¸à¤° पहनने से अंडकोष (सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤®) का तापमान नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रहता है। इससे अंडकोष में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता है। ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तंग अंडरवियर पहनने से अंडकोष का तापमान बढ़ जाता है और इससे शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में कमी आ सकती है।
लड़के को गरà¥à¤ में धारण करने के लिठआहार
अलकालाइन गà¥à¤£à¥‹à¤‚ वाला आहार और पोटाशियम यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है। नीचे कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ खाने-पीने की चीजों के नाम बताठगठहैं, जिनके सेवन से लड़के को गरà¥à¤ में धारण करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है:
केला: केला पोटेशियम का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। पोटेशियम लंबे समय तक नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को जीवित और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है। इससे शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के अंडे में निषेचित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। साथ ही यह गरà¥à¤ में लड़का धारण करने के लिठà¤à¥€ उपयोगी साबित हो सकता है।
नींबू वंश (साइटà¥à¤°à¤¸) के फलों का सेवन: नींबू वंश के फलों में पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-सी और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाया जाता है। अगर आप लड़का पैदा करने की इचà¥à¤›à¤¾ रखते हैं, तो आपको नींबू वंश के फल, जैसे कि अंगूर, संतरा, आदि का सेवन ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤.
मशरूम : मशरूम मे विटामिन-डी, पोटाशियम और सेलेनियम के अलावा à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सारे पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ होते हैं। इसलिà¤, मशरूम को नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की सेहत के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना जाता है।
ज़िंक (जसà¥à¤¤à¤¾) से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार: ऑयसà¥à¤Ÿà¤°, कदà¥à¤¦à¥‚ और मांस जैसे आहार में ज़िक पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। यह किसी महिला के गरà¥à¤ धारण करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बà¥à¤¾ देता है। पोषण विशेषजà¥à¤ž (नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ) बृजेट सà¥à¤µà¤¿à¤¨à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, ज़िंक ना केवल टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाता है, बलà¥à¤•ि नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखते हà¥à¤ उनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¥€ करता है।
गà¥à¤²à¥‚कोज़ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार: ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैलोरी वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ में काफ़ी अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤²à¥‚कोज़ मौजूद होता है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि शरीर में गà¥à¤²à¥‚कोज़ का सà¥à¤¤à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से लड़का पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि ऊपर बताई गई किसी à¤à¥€ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ का सेवन शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर लें।
जड़ी-बूटी और पूरक आहार की सहायता से लड़का पैदा करने के उपाय
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार के अलावा, आप कà¥à¤› खास जड़ी-बूटियों और पूरक आहार (हरà¥à¤¬à¥à¤¸ à¤à¤‚ड सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट) की सहायता से लड़का होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा सकती हैं। à¤à¤¸à¥€ ही कà¥à¤› जड़ी बूटियों और पूरक आहारों के नाम नीचे दिठगठहैं:
1. à¤à¤‚थोसायनिन
à¤à¤‚थोसायनिन à¤à¤• तरह का फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‰à¤‡à¤¡ होता है, जिसमें पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट मौजूद होते हैं। यह लाल, नीले और बैंगनी रंग के फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पाया जाता है। जैसे- लाल पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, बैंगन, अंगूर, जामà¥à¤¨, टमाटर, राजमा, अनार, आदि। à¤à¤‚थोसायनिन योनि को आंतरिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है, जिससे नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को तेज़ी के साथ अंडाशय में निषेचित होने का मौका मिलता है।
2. à¤à¤²à¤¾à¤œà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡
यह अमà¥à¤²à¥€à¤¯ यौगिक खासतौर पर फलों, जैसे- सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€,अनार और बà¥à¤²à¥‚बेरी में पाया जाता है। यह à¤à¤¸à¤¿à¤¡ नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को योनि में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक जीवित रखता है।
3. गà¥à¤†à¤‡à¤«à¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¤¿à¤¨
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से पाया जाने वाला यह पूरक आहार शरीर को निषेचन के अनà¥à¤•ूल बनाता है। यह पूरक आहार योनि गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ की घात (जिसे हम मà¥à¤¯à¥‚कस à¤à¥€ कहते हैं) को ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिकना और पतला बनाता है। घात के चिकना और पतला होने पर नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ आसानी से अंडाशय में पहà¥à¤‚च जाते हैं, जिससे लड़का पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
4. कौलिस सारà¥à¤œà¥‡à¤‚टोडॉकà¥à¤¸
यह à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देशों में पाठजाने वाली à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक जड़ी-बूटी है। यह योनि और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों को निषेचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठपूरी तरह से तैयार करती है। इससे नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक जीवित रहने और आगे बढ़ने का पूरा मौका मिलता है। इसके अलावा यह लड़का पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को à¤à¥€ बढ़ाता है।
5. आरà¥à¤œà¤¿à¤¨à¤¾à¤‡à¤¨
यह à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पूरक आहार है। बीज वाली चीजों, जैसे- अखरोट, बादाम और पीकनà¥à¤¸ में आरà¥à¤œà¤¿à¤¨à¤¾à¤‡à¤¨ पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। आरà¥à¤œà¤¿à¤¨à¤¾à¤‡à¤¨ à¤à¥€ नर शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को अंडाशय में निषेचित करने में मदद करता है।
गरà¥à¤ में बेटी/लड़की होने के लकà¥à¤·à¤£ | Without Ultrasound Garbh Me Ladki Hone Ke Lakshan
जिस तरह से गरà¥à¤ में लड़के की मौजूदगी का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया जा सकता है, ठीक उसी तरह से गरà¥à¤ में बेटी होने के लकà¥à¤·à¤£ की à¤à¥€ पहचान की जा सकती है। गरà¥à¤ में लड़की की मौजूदगी के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1. दिल की तेज़ धड़कन
गरà¥à¤ में लड़के की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लड़की की दिल की धड़कन तेज़ होती है। अगर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन से पता चलता है कि गरà¥à¤ में मौजूद बचà¥à¤šà¥‡ का दिल à¤à¤• मिनट में 140 से अधिक बार धड़क रहा है, तो इसे गरà¥à¤ में लड़की होने का लकà¥à¤·à¤£ माना जाता है।
2. जी मिचलाना और उबकाई आना
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¸à¥€ में जी मिचलाने और मितली की समसà¥à¤¯à¤¾ का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना, गरà¥à¤ में लड़की होने का संकेत माना जा सकता है।
3. पेट का आकार
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर आपका पेट गोलाकार और ऊपर उठा हà¥à¤† है, तो इसे गरà¥à¤ में लड़की होने का संकेत माना जा सकता है।
4. मनोदशा में बदलाव
गरà¥à¤ में लड़की होने पर महिलाओं की मनोदशा बदलती रहती है। उनमें गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾, चिड़चिड़ापन, तनाव और अवसाद की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नज़र आने लगती है।
5. सà¥à¤¤à¤¨ के आकार में बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अपने सà¥à¤¤à¤¨ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से देखें, इससे बचà¥à¤šà¥‡ का लिंग जानने में मदद मिल सकती है। अगर आपके बाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ का आकार दाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ से बड़ा है, तो इसे गरà¥à¤ में लड़की होने का लकà¥à¤·à¤£ माना जा सकता है।
6. लहसà¥à¤¨ से परीकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर लहसà¥à¤¨ खाने के बाद अगर आपके शरीर की गंध बदलती नहीं है, तो समà¤à¤¿à¤ कि गरà¥à¤ में लड़की है। दरअसल, गरà¥à¤ में लड़का होने पर शरीर के रोम छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में से गंध आने लगती है।
7. मीठी चीज़ें खाने की इचà¥à¤›à¤¾
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अचानक से मीठी चीज़ें (मिठाई, चॉकलेट, आदि) खाने की इचà¥à¤›à¤¾ होने लगे, तो इसे गरà¥à¤ में लड़की होने का लकà¥à¤·à¤£ माना जाता है।
लड़की पैदा करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें?
अगर आप लड़की पैदा करने की इचà¥à¤›à¤¾ रखती हैं, तो नीचे दिठगठइन तरीकों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं:
लिंग निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से संबंधित शटल पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, लड़की पैदा करने की इचà¥à¤›à¤¾ रखने वाले जोड़ों को ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दो-चार दिन पहले संà¤à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ इस दौरान मादा शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के अंडाशय में निषेचित होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। à¤à¤¸à¥‡ जोड़ों को ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के आसपास (जब योनि की घात बहà¥à¤¤ चिकनी और पतली हो) संà¤à¥‹à¤— करने से बचना चाहिà¤à¥¤
लड़की पैदा करने की चाहत रखने वाले जोड़े वीलन पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का सहारा à¤à¥€ ले सकते हैं। इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का संबंध à¤à¥€ लिंग निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ और शोध से है। इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ को 57% सफल माना जाता है। वीलन पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, लड़की पैदा करने के लिठओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दो-तीन दिन पहले संà¤à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ याद रखें कि वीलन और शटल पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सफलता का कोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है।
संतान के रूप में लड़की की इचà¥à¤›à¤¾ रखने वाले दंपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को संà¤à¥‹à¤— के लिठकोई ख़ास समय निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के बजाठज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ इससे X कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® (मादा कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤®) को अंडे में निषेचित होने के ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अवसर मिलते हैं।
अगर आप लड़की पैदा करने की इचà¥à¤›à¤¾ रखती हैं, तो आपको पोटैशियम और नमक सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में लेना चाहिà¤à¥¤ आपको ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन से पहले कम नमक वाला आहार लेना चाहिठऔर संà¤à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ दूसरे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहें, तो आपको खाना पकाने में कम से कम नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा à¤à¤¸à¥€ चीज़ों से परहेज करना चाहिà¤, जिनमें अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पोटैशियम पाया जाता है। जैसे- बà¥à¤°à¥‡à¤¡, ऑलिवà¥à¤¸, सी-फ़ूड, आदि।
à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि अगर संà¤à¥‹à¤— से पहले पà¥à¤°à¥à¤· गरà¥à¤® पानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करे, तो लड़की पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। दरअसल, Y कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® (नर कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤®) गरà¥à¤® तापमान को सहन नहीं कर पाते और नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं। इससे X कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® (मादा कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤®) को अंडे मे निषेचित होने के ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मौके मिलते हैं।
कोई महिला अपने शरीर में पीà¤à¤š के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाकर à¤à¥€ लड़की पैदा करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बà¥à¤¾ सकती है। अनानास, टमाटर और à¤à¤¸à¥€ चीज़ें अधिक खाकर जिनमें फ़ॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है, शरीर में पीà¤à¤š के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाया जा सकता है।
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, कम कैलोरी वाली चीज़ें खाने से लड़की पैदा होने समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर में गà¥à¤²à¥‚कोज़ का सà¥à¤¤à¤° कम होने से Y कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® जलà¥à¤¦ नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं।
लड़की को गरà¥à¤ में धारण करने के लिठआहार
नीचे कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ खाने-पीने की चीजों के नाम बताठगठहैं, जिनके सेवन से लड़की को गरà¥à¤ में धारण करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है:
अंडा: अंडों में पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और अमà¥à¤²à¥€à¤¯ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है। नियमित रूप से अंडे खाने वाली महिलाओं के शरीर में पीà¤à¤š का सà¥à¤¤à¤° बॠजाता है। पीà¤à¤š का यह बढ़ा हà¥à¤† सà¥à¤¤à¤° नर कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® के लिठनà¥à¤•सानदेह और मादा कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® के लिठफ़ायदेमंद होता है।
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¥›à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ सारे पोषक ततà¥à¤µ और विटामिनà¥à¤¸ होते हैं। ये पोषक ततà¥à¤µ और विटामिनà¥à¤¸ मादा कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे बà¥à¤¨à¥‡ में मदद करते हैं।
अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ और साबूत अनाज: अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ और साबूत अनाज में पाठजाने वाले मैगनीशियम और सेलेनियम जैसे खनिज न केवल हमारी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ शकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाते हैं, बलà¥à¤•ि लड़की पैदा करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ में à¤à¥€ वृदà¥à¤§à¤¿ करते हैं।
बीनà¥à¤¸: कई तरह के बीनà¥à¤¸, जैसे- राजमा, सेम, सोयाबीन, आदि खाने से à¤à¥€ लड़की होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ती है।
| --------------------------- | --------------------------- |